देश की इन बेटियों ने यूएन में लगा दी पाकिस्तान की क्लास

Indian Girls in UNGA

Indian Girls in UNGA

Indian Girls in UN
पाकिस्तान को जवाब देने वाली भारत की बेटियां।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस साल इमरान खान ने एक बार फिर पुराना कश्मीर राग अलापा। उम्मीद की जा रही थी कि इमरान को करारा जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मोर्चा संभालेंगे। लेकिन उनके संबोधन से पहले ही यूएन में भारत की प्रथम प्रतिनिधि स्नेहा दुबे ने जबरदस्त तरीके से पाकिस्तान पर पलटवार किया। स्नेहा ने इमरान खान का नाम लेकर उनके झूठे आरोपों का खुलासा किया और कहा कि पाक आतंकियों को खुला समर्थन देता है। 

स्नेहा के इन जवाबों ने पिछले पांच सालों में यूएन में भारत की प्रतिनिधि रहीं ईनम गंभीर, पॉलोमी त्रिपाठी, विदिशा मैत्रा मिजितो विनितो और स्नेहा दुबे की ओर से यूएन में पाकिस्तान को घेरने की पुरानी यादें ताजा कर दीं। इस डॉटर्स डे पर हम आपको बता रहे हैं भारत की इन्हीं बेटियों के वो भाषण जिनसे पाकिस्तान का आतंकी चेहरा दुनिया के सामने आया।

2016: जब ईनम गंभीर ने कहा- पाकिस्तान टेररिस्तान बन चुका है
पाकिस्तान ने अपने पुराने ढर्रे पर चलते हुए इस साल भी संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठाया था। तब यूएन में भारत की प्रथम प्रतिनिधि ईनम गंभीर ने पाकिस्तान को एक आतंकी देश बताते हुए कहा कि वह अब आतंक का दूसरा नाम बन चुका है। वहां आतंकी फलते-फूलते हैं। पाक अब ‘टेररिस्तान’ बन चुका है। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि प्राचीन भारत में तक्षशिला ज्ञान का केंद्र हुआ करता था, लेकिन पाकिस्तान में रहते हुए अब वहां आंतकियों की कतार लगी है। इसस पहले 2015 में भी ीनम ने पाकिस्तान को खरी खरी सुनाई थी। 

2017: पाकिस्तान ने दिखाई थी झूठी तसवीरें, पॉलोमी त्रिपाठी ने उन्ही तस्वीरों के माध्यम से ही दिया जवाब
इस साल संयुक्त राष्ट्र में एक गलत तस्वीर दिखाकर मुश्किल में फंसे पाकिस्तान पर भारत के परमानेंट मिशन के साथ नियुक्त सचिव पॉलोमी त्रिपाठी ने पलटवार किया। दरअसल, यूएन में पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने भारत पर इल्जाम लगाते हुए एक तस्वीर दिखाई थी जिसमें एक लड़की का चेहरा पेलेट गन से जख्मी दिख रहा है। यह तस्वीर झूठी साबित हुई, जिसके बाद पॉलोमी त्रिपाठी ने जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा मारे गए लेफ्टिनेंट उमर फय्याज की तस्वीरें दिखाईं। 

इसके साथ ही उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि ने एक बार फिर वैश्विक रूप से आतंकवाद के गढ़ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका से ध्यान हटाने के लिए यह कोशिश की है। गाजा की लड़की की तस्वीर के जरिए भारत के बारे में झूठ फैलाने की कोशिश की। फर्जी तस्वीर के जरिए फ़र्जी नेरेटिव गढ़ने का प्रयास किया। पाकिस्तान द्वारा गढ़ी गयी इस झूठी कोशिश के सामने हम असेंबली को उस दर्द की असली तस्वीर दिखाना चाहते हैं जो पाकिस्तान की साज़िशों की वजह से भारत को भुगतने पड़ रहे हैं।”