यूएनजीए में पीएम ने किया आतंकवाद पर गहरा प्रहार, अपनी इन बड़ी बातों से चैंकाया सबको

प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना ही आतंक के खिलाफ चलाया अपना रामबाण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित करते हुए भारत को लोकतंत्र की जननी बताया है। इसी के साथ 75 साल की पूरी हुई आजादी का जिक्र भी उन्होंने अपने भाषण में किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने बिना पाकिस्तान का नाम लिए ही आतंक के खिलाफ अपना रामबाण चला दिया। बता दें इससे पहले नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से कोरोना, क्लाइमेट चेंज और आतंकवाद जैसे अहम मुद्दों के बारे में चर्चा की थी।

अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाने पर भी पीएम ने आवाज उठाई। उन्होंने कहा विश्व 100 साल में आई सबसे भयानक महामारी कोरोना से लड़ रहा है। इस लड़ाई ने अर्थव्यवस्था को काफी बुरी तरह से प्रभावित किया है।

पहली डीएनए आधारित वैक्सीन का निर्माण भारत में

यूएनजीए के संबोधन के समय पीएम ने कहा भारत सेवा धर्म का भाव रखते हुए अभी वैक्सीनेशन के शोध में जुटा हुआ है। इतना ही नहीं भारत ने डीएनए आधारित वैक्सीन का निर्माण कर काफी बड़ी सफलता हासिल की है। इसके अलावा वैक्सीन को जनता तक पहुंचाने का काम भी शुरू कर दिया है।

इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना से जान गंवा चुके लोगों को आदरपूर्वक श्रद्धांजली अर्पित की और कहा इस वैश्विक महामारी से पूरा विश्व लड़ रहा है। इस महासभा से पूर्व पीएम ने ट्वीट की सहायता से जानकारी देते हुए बताया था कि वह यूएनजीए को संबोधित करने जा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में महिलाओं और बच्चों को काफी कड़ी सुरक्षा की जरूरत है। अफगानिस्तान का प्रयोग आतंकवाद के लिए करने वालों को भी नही वख्शा जाएगा।