बांग्लादेश हिंसा थी पूर्व नियोजित, जमात ए इस्लामी संगठन का नाम आया सामने

पंडालों पर पत्थर चले और मंदिरों को तोड़ा

पंडालों पर पत्थर चले और मंदिरों को तोड़ा

पंडालों पर पत्थर चले और मंदिरों को तोड़ा
पंडालों पर पत्थर चले और मंदिरों को तोड़ा

बांग्लादेश में हो रही हिंदुओं के ख़िलाफ़ हिंसा कैसे शुरू हुई इसका खुलासा अब होने लगा है, बांग्लादेश के जमात ए इस्लामी नामक संगठन के लोगों ने यह हिंसा शुरू की जिसके बाद पूरे बांग्लादेश में हिंदुओं को मारने और उनके घरों और दुकानों की तोड़फोड़ करने का दर्दनाक मंजर शुरू हो गया था।

हिंसा शुरू होने का आरोप लगा था कि दुर्गा पूजा पंडाल में किसी ने कुरान की तौहीन कीर्ति और कुरान की दुर्गा माता के चरणों में रख दिया था लेकिन अब यह सामने आया है कि इक़बाल हुसैन नाम का आदमी था जिसने यह कृत किया है जिसकी वजह से पंडालों पर पत्थर चले और मंदिरों को तोड़ा गया।

13 अक्टूबर को 35 वर्षीय इक़बाल हुसैन कोमिला के दुर्गा पूजा पंडाल में दुर्गा जी के चरणों में क़ुरान रखती थी जिसके बाद हिंसा भड़क उठी, यह हिंसा बांग्लादेश के सभी शहरों में फैल गई और इस हिंसा में लगभग 7 लोगों की मौत हुई। भीड़ मंदिरों की तोड़फोड़ करने लगी, बचाव करने आयी पुलिस पर भी पथराव हुए और यहाँ तक कि इस्कॉन मंदिर पर भी तोड़फोड़ हुई और वहाँ के एक मेम्बर को मार डाला गया।

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बांग्लादेश की सरकार ने अब तक 40 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है और उसमें से चार लोग इक़बाल हुसैन के साथ ही हैं जिनमें से दो की पहचान फ़ैज़ और एकदम के नाम से हुई है।पुलिस का दावा है कि जिस क़ुरान की वजह से हिंसा भड़की थी वह क़ुरान सऊदी अरेबिया से लाया था और घटना स्थल पर कैमरा लगा दिया था जिसके बाद उस घटना को अंजाम देते ही उसने अपने साथियों से पुलिस को फ़ोन करने को बोला और चारों तरफ़ फ़ेसबुक लाइफ़ के द्वारा या फैला दिया कि पंडाल में क़ुरान का अपमान हुआ है।

इस घटना के बाद माना यह जा रहा है इस जुर्म को अंजाम देने के पीछे भारत और बांग्लादेश के रिश्तों को बिगाड़ने की साज़िश थी और साथ ही साथ बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ साज़िश करने करने का प्लान था। बांग्लादेश पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे देश में फैले हिंसा को क़ाबू करने की भी कोशिश कर रही है।