चीन की सीमा-उल्लंघन की हरकत के बाद भारत सरकार कर रही इस तरह तैयारी

ss

s

चीन सीमा उल्लंघन की बेकार की कोशिशों में अभी भी लगा हुआ।

भारत और चीन के संबंध बीते समय से काफी ज्यादा खराब चल रहे हैं। हालात यह है कि दोनों देशों में युद्ध जैसी संभावनाएं बन चुकी हैं। जिसमें भारत लगातार कार्यप्रणाली में सुधार कर चीन द्वारा की जाने वाली गतिविधियों पर पैनी नज़र बनाए हुए है। वहीं एलएसी पर भी जवानों की संख्या को लगातार बढ़ाया जा रहा है। एलएसी यानी ड्रैगन लाइन ऑफ एक्चुअल को लेकर भारत की क्या रणनीति रहेगी, इसके बारे में भी चर्चा करना काफी आवश्यक हो गया है।

चीन नहीं आ रहा अपनी हरकतों से बाज

चीन लगातार अपने दावों को बदलता ही रहता है। पूर्वी लद्दाख में चीन के आक्रमण के बाद आपसी रिश्ते अब समाप्त होते नजर आ रहे है। भारतीय सरकार भी चीन की इस हरकर पर सीधी प्रतिक्रिया दे रही है। लद्दाख पर हुए सैन्य हलमों का मुंह तोड़ जवाब देकर प्रधानमंत्री ने यह साबित कर दिया है कि सैन्य हमलों का जवाब अब वार्ता से नहीं दिया जाएगा। पीएम ने दलाई लामा को भी जन्मदिन की बधाई देकर प्रवासी तिब्बत समुदाय को संदेश दिया है।

लेकिन अब चीन भारत के रिश्तों को वार्ता से समाप्त करना संभव नहीं लग रहा है। पूर्वी लद्दाख के सीमा विवाद में भी भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। चीन सीमा उल्लंघन की बेकार की कोशिशों में अभी भी लगा हुआ है।

मोदी सरकार-2 किया कूटनीति में बदलाव

कूटनीति के बारे में कुछ भी निश्चित तौर पर कहना सही नहीं है। विपक्षी दल व सामने वाले की हरकतों को ध्यान में रखकर बनाई गई कूटनीति कभी भी बदल भी सकती है। इस तरह सामने वाले से निपटने के लिए किए गए परिवर्तन को ही अच्छी कूटनीति बोला जा सकता है। मोदी सरकार-1 की बात की जाए तो उस समय पीएम नरेंद्र मोदी भारत और चाइना के संबंधों को मजबूत बनाने को लेकर काम कर रहे थे। लेकिन वर्तमान समय में चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। जिसके चलते अब भारत अपने डिफेंस में काफी बदलाव करता नजर आ रहा है।