छत्तीसगढ़ के कवर्धा में लगा कर्फ्यू, झंडे की वजह से हुई हिंसा

144 लागू होने के बावजूद भी पुलिस को दागने पड़े आंसू गैस के गोले PC:- opindia

144 लागू होने के बावजूद भी पुलिस को दागने पड़े आंसू गैस के गोले PC:- Opindia

रविवार को कवर्धा में झंडे को लेकर विवाद छिड़ा, जिसके बाद दो गुटों में हिंसा शुरू हो गई। धारा 144 लागू होने के बावजूद भी पुलिस को दागने पड़े आंसू गैस के गोले। फिर भी यह हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही। यह घटना अब राजनीतिक मोड़ भी ले रही है।पुलिस की फ्लैग मार्च निकालने के बाद भी हाँ तनाव बरकरार रहा और भाजपा के सांसद अभिषेक सिंह विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से सवाल किए जिसके बाद और भी तोड़फोड़ और आगजनी हुई।

कवर्धा में भड़की हिंसा में अभी तक करीब 12 लोग घायल हो चुके हैं जिसमें 3 पुलिस वाले भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है की अब तक 40 लोगों पर कार्यवाही की जा रही है। रविवार को लोहारा चौक से झंडे को हटाने पर दो धर्मों के बीच शुरू हुए विवाद ने मंगलवार को भयानक रूप ले लिया।


पुलिस पर भी हुए पथराव के कारण तीन पुलिसवालों को गंभीर रूप से चोटें आयीं और पुलिस ने अभी तक 15 लोगों को हिरासत में लिया है।
कवर्धा भाजपा नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का घर है और मीडिया से बात करते हुए रमन सिंह ने पुलिस पर इल्जाम लगाया और कहा यह हिंसा पुलिस की गलती की वजह से भड़की है, वो चाहते तो एक छोटी सी बात को आसानी से सुलझा सकते थे।