इस राज्य ने एक साल के लिए लगाया गुटखा, पान मसाला की बिक्री व निर्माण पर प्रतिबंध

तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, बिक्री पर प्रतिबंध

तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, बिक्री पर प्रतिबंध

तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, बिक्री पर प्रतिबंध
तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, बिक्री पर प्रतिबंध

पश्चिम बंगाल सरकार ने तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, बिक्री या वितरण पर एक अवधि के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध इसी साल 7 नवंबर से लागू होगा।

पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है। इसमें कहा गया है कि राज्य आयुक्त की खाद्य सुरक्षा को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30 के तहत पूरे राज्य में किसी भी खाद्य पदार्थ के निर्माण, भंडारण, वितरण या बिक्री पर इस तरह का प्रतिबंध लगाने का अधिकार है। एक वर्ष की अवधि के लिए यह प्रतिबंध लगाया जा रहा है।

यह कहा राज्य सरकार ने अपनी अधिसूचना में 

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा बनाए गए खाद्य सुरक्षा और मानकों, विनियम 2011 के विनियम 2.3.4 के अनुसार खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। तंबाकू और निकोटीन का उपयोग सामग्री के रूप में किए जाने वाले प्रोडक्ट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते है। 

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यह पहली बार नहीं है जब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार ने तंबाकू और निकोटीन उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया है। 2019 में, उनकी सरकार ने गुटखा, सुपारी और कई अन्य तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया। 2013 में, पश्चिम बंगाल सरकार ने एक साल के लिए खैनी, पान मसाला और गुटखा पर प्रतिबंध लगा दिया था।

हरियाणा में 7 सितंबर से लगा हुआ प्रतिबंध 

हरियाणा में 7 सितंबर, 2021 से तंबाकू उत्पादों की बिक्री और खरीद दोनों पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। सितंबर में हरियाणा सरकार ने एक साल के लिए इस लगी हुई गुटखा और पान मसाला की बिक्री और निर्माण पर लगी रोक को बढ़ा दिया है।