महंत नरेंद्र गिरि की मौत, जांच में आए यह पहलू सामने, तीन को लिया हिरासत में

महंत नरेंद्र गिरी

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत का मामला सामने आया है। पुलिस की जांच के चलते कई पहलू सामने आ रहे हैं। पता चला है कि जिस फंदे से महंत का शव लटका पाया गया, उस रस्सी को उन्होंने अपने सेवकों से मंगाया था। पूछताछ में पता चला कि कपड़े सुखाने के लिए रस्सी को मंगाया गया था। सपा सरकार के रहे एक मंत्री पर पुलिस का शक जा रहा है।

शव के पास था सुसाइड नोट

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित बाघंबरी मठ में यह घटना सामने आई है। घटनास्थल पर शव के पास सुसाइड नोट भी पाया गया। पुलिस ने शुरुआती जांच में तो इसे आत्महत्या का मामला बताया है। लेकिन अभी भी शक के दायरे में आए हुए व्यक्तियों से पूछताछ चल रही है। 

पुलिस की लापरवाही पर भी उठ रहे सवाल

बता दें इस पुलिस घटनास्थल को पूरी तरह सुरक्षित करने में असफल रही है। पुलिस के आने से पहले ही कमरे में पड़े सामान को छुआ गया है। इसलिए अब फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट को भी पूरी तरह से विश्वसनीय नहीं कहा जा सकता है। 

फिलहाल तो रस्सी और कमरे में रखे सामान को एकत्र कर लिया गया है। फोरेंसिक टीम इन चीजों की जांच कर रही है। फिंगर प्रिंट के सभी नमूनों का आकलन ध्यान से किया जा रहा है।

अभी तक तीन लोग हिरासत में

पुलिस जांच के दौरान मिला सुसाइड नोट पूरे आठ पन्नों का है। जिसमें महंत के शिष्य आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी का जिक्र किया गया है। इन तीनों में से संदीप तिवारी का बेटा आद्या तिवारी हनुमान जी मंदिर का पुजारी है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने तीनों को अपनी हिरासत में ले लिया है।

इसके अलावा सुसाइड नोट में वसीयतनामा और संपत्ति विवाद के बारे में भी लिखा हुआ है। पुलिस टीम ने नरेंद्र गिरि के मोबाइल को भी जब्त कर लिया है। इस फोन में मौत से पहले 4 मिनट का कोई वीडियो बनाया गया है। फोरेंसिक टीम फोन की जांच भी करेगी। 

वहीं उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व मंत्री बृजेश पाठक अखिल महंत नरेंद्र गिरि के अंतिम दर्शन के लिए बाघंबरी मठ उपस्थित हो गए हैं।