नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम(NCAP) की रिपोर्ट आयी सामने

National Clean Ari Programme
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NCAR: शहरों में बीते दिनों के मुताबिक़ वायु गुणवत्ता में हल्का सा सुधार

National Clean Air Programme
NCAR: शहरों में बीते दिनों के मुताबिक़ वायु गुणवत्ता में हल्का सा सुधार

जानिए देश में कौन सा शहर है सबसे ज़्यादा प्रदूषित

सोमवार को जारी हुई NCAP की रिपोर्ट के मुताबिक़ देश की राजधानी दिल्ली और अन्य ग़ैर प्राप्ति शहरों में बीते दिनों के मुताबिक़ वायु गुणवत्ता में हल्का सा सुधार देखने को मिला है। हालाँकि, ग़ाज़ियाबाद सबसे प्रदूषित शहर की श्रेणी में सबसे ऊपर आया है।

क्या होते हैं ग़ैर प्राप्ति शहर?

नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के मुताबिक़ ग़ैर प्राप्ति शहर वो होते हैं जो लगातार नेशनल एंबियंट एयर क्वालिटी स्टैंडर्डस(NAAQs) को मैच करने में असफल होते आ रहे हैं। इन शहरों में दिल्ली भी शामिल है।

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ग़ाज़ियाबाद सबसे प्रदूषित शहर

केंद्र सरकार द्वारा NCAP 2019 में गठित किया गया था जिसका प्रमुख लक्ष्य प्रदूषित शहरों की कणिका तत्व (Particulate Matter) को कम करना था 2024 तक देश के 132 शहरों में कणिका तत्व 20-30% कम करने की ज़िम्मेदारी NCAP की थी, और इसको मद्देनज़र रखते हुए 132 शहरों में से ग़ाज़ियाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर बैन गया है। दिल्ली इस श्रेणी में दूसरे नम्बर पर रहा।

दिल्ली में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है यहाँ तक की इस साल केजरीवाल सरकार को प्रदूषण की वजह से स्कूल भी बंद करने पड़े थे और पूरी तरह फ़ोकस में होने के बाद भी दिल्ली के प्रदूषण लेवल में ज़्यादा कोई बदलाव नहीं दिखाई दिया है।

दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स काफी लम्बे समय से खराब श्रेणी में है। जिसकी वजह से कई बार तो निर्माण कार्यों को भी रोकना पड़ा था। इसके अलावा दिल्ली में सड़कों पर पानी के टैंकरों को भी लाया गया था। जिससे कम से कम से धूल पर काबू पाया जा सके। केजरीवाल सरकार लगातार जनता से घरों में रहने का आग्रह कर रही है।

वही दूसरी ओर दिल्ली में कोरोना संक्रमण मामलों ने रफ़्तार पकड़ ली है। रोज़ाना लोग अस्पतालों में भर्ती किए जा रहे है। केंद्र का मानना है कि दूसरी लहर कि तुलना में काफी कम लोगों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है।