कश्मीर में जारी है अल्पसंख्यकों का नरसंहार, बिहार और यूपी के व्यक्तियों को मारा

आतंकियों के निशाने पर आए बिहार से आए मज़दूर

आतंकियों के निशाने पर आए बिहार से आए मज़दूर

घरों को एक बार फिर से छोड़ने पर मजबूर हुई कश्मीर की आम जनता
घरों को एक बार फिर से छोड़ने पर मजबूर हुई कश्मीर की आम जनता

कश्मीर घाटी में आतंकवादियों के निशाने पर अल्पसंख्यक और ग़ैर कश्मीरी लोग, आज दो लोगों को आतंकियों ने मौत के घाट उतारा। श्रीनगर के ईदगाह रोड पर एक बिहारी रेढ़ी वाले को आतंकी ने गोली मारी तो वहीं पुलवामा में उत्तर प्रदेश के एक मजदूर को गोलियों से भूना जिसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी।

यह दोनो घटना शनिवार यानी आज शाम की है। अभी हाल फिलहाल में ही एक कश्मीरी पंडित जो दवाई बेचते थे और स्कूल प्रिंसिपल जो सिख समुदाय की थी उनको आतंकियों ने निशाना बनाया था। अगले ही दिन बिहार से आए गोलगप्पे बेचने वाले को भी आतंकियों ने मौत के घात उतार दिया था।

दस दिनों के अंदर हुई ये पाँचों वारदात बहुत ही भयावह है और इन घटनाओं के बाद यह प्रश्न भी उठता है की क्या घाटी में अब अल्पसंख्यकों और ग़ैर कश्मीरियों का रहना खतरों से भरा है?

घर छोड़ कर लोग कर रहे हैं पलायन

आज की घटनाओं से पहले हुई घटना के चलते कई अल्पसंख्यक अपने घरों को एक बार फिर छोड़ के जाने पर मजबूर हो गए थे, सरकार ने उन सभी से आग्रह किया था की वो लोग ऐसा ना करें लेकिन आतंकियों के मंसूबे रुकने का नाम नहीं ले रहे।

एक नज़र इधर भी:- जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने बनाया गोलगप्पे बेचने वाले को निशाना, सिर में दागी गोली

रोजगार के सिलसिले में आए थे दोनों

श्रीनगर में मारे गए मृतक का नाम अरविंद कुमार है जो बांका बिहार का निवासी था वहीं पुलवामा में आतंकियों की गोली का शिकार उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का निवासी सागिर अहमद था।

पुलिस स्टेशन में हुआ ग्रेनेड से हमला

शनिवार को ही कश्मीर के एक पुलिस स्टेशन पर कुछ अनजान लोगों ने ग्रेनेड बम भी फेंके, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी को कोई प्रकार की हानि नहीं पहुँची।

भारतीय सेना और आतंकियों के बीच चल रही मुठभेड़

आतंकियों के आम व्यक्तियों पर हो रहे हमले देखते हुए भारतीय सेना भी आतंकवादियों को ढूँढ ढूँढ कर मार रही, सेना के ऑपरेशन में कई आतंकी मारे गए।

सेना ने अब तक 9 एनकाउंटरों में 13 आतंकियों को मार गिराया है लेकिन भारतीय सेना को भी काफ़ी नुक़सान पहुँचा। आज शाम को दो जवानों के शव जंगल में मिले। सेना के 9 जवान अब तक आतंकियों से हो रहे एनकाउंटर में शहीद हो चुके हैं जो की हाल के दिनों में सबसे ज़्यादा शहीद जवानों के आंकड़े हैं।