गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण

बाढ़ का सर्वेक्षण करते देश के गृह मंत्री अमित शाह

बाढ़ का सर्वेक्षण करते देश के गृह मंत्री अमित शाह

बाढ़ का सर्वेक्षण करते देश के गृह मंत्री अमित शाह
बाढ़ का सर्वेक्षण करते देश के गृह मंत्री अमित शाह

भारत के कई राज्यों में बारिश का कहर जारी है, केरल के बाद उत्तराखंड में अब बारिश का कहर दिख रहा है। अभी तक 54 लोगों की मौत की ख़बर आ गई है तो वहीं कई लोग अभी भी लापता है। उत्तराखंड में आयी बाढ़ का सर्वेक्षण करने के लिए आज देश के गृह मंत्री अमित शाह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, आपदा प्रबंधन मंत्री धन सिंह रावत और सुरक्षा मंत्री अजय भट्ट  ने हवाई सर्वेक्षण किया।

मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मीडिया से बात करते वक़्त बताया कि उत्तराखंड में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य को करीब 7 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालना है और उनको सुरक्षित इलाकों पर ले जाना है।

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उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में सबसे ज़्यादा जान और माल का नुक़सान हुआ है तो वहीं नैनीताल में सबसे ज़्यादा ही 28 लोगों की मौत हुई है। नैनी झील के बढ़ते स्तर के कारण अग़ल बग़ल के घरों में और दुकानों में पानी घुस गया और वहाँ के लोगों को एयरलिफ़्ट करके सुरक्षित जगह ले जाया गया।

अभी तक 54 लोगों की मौत की ख़बर आ रही है जबकि 19 घायल हो गए हैं जिनमें से पाँच लोग अभी भी लापता है।भारी बारिश और बाढ़ के आसार देखते हुए उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 18 अक्टूबर को रोक दी गई थी लेकिन हेलीकॉप्टर के द्वारा यात्री केदारनाथ की यात्रा कर सकते हैं।

उत्तराखंड में आयी थी तबाही से हल्द्वानी, नैनीताल,रानीखेत,चमोली, लैंसडाउन आदि शहरों की कनेक्टिविटी ठप हो गई हैं तो वही काठगोदाम रेलवे स्टेशन की पटरियां टूटकर बह गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीड़ितों को मुआवजा देने का ऐलान किया है। फिलहाल, उत्तराखंड में आज हालात कुछ ठीक है और NDRF की टीमें बचाव कार्य आसानी से कर ले रही है क्योंकि अब बारिश थोड़ी कम हो गई है जिसकी वजह से बचाव कार्यों में आसानी आ रही है।