गुरमीत राम रहीम सहित पांच दोषियों को 19 साल बाद मिली आजीवन कारावास की सजा

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को आजीवन कारावास की सजा

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को आजीवन कारावास की सजा

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को आजीवन कारावास की सजा
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को आजीवन कारावास की सजा

सोमवार को पंचकूला की अदालत में करीब साढ़े चार बजे रंजीत सिंह हत्याकांड के मामले में सुनवाई की जा चुकी है। जिसमें डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। इसी के साथ चार अन्य आरोपियों को भी उम्रकैद की सजा देने का एलान कर दिया गया है। सीबीआई ने इस मामले में फांसी की सजा देने की मांग अदालत के सामने रखी थी। 

31 लाख का जुर्माना भी लगाया

पूरे 19 साल बाद इस जुर्म की सजा इन आरोपियों को मिली पाई है। उम्रकैद के साथ डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम सिंह को अदालत ने 31 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं अन्य आरोपियों से 50-50 हजार रुपये की राशि वसूली जाएगी। 

इस सुनवाई के दौरान धारा 144 को लागू किया था और तेज धार हथियार लेकर घूमने पर प्रतिबंध लगाया गया था। सुरक्षा का ध्यान रखते हुए पुलिस ने टीम की चार टुकड़ियों में बांट दिया था। इस से पहले आठ अक्टूबर को जसबीर सिंह, कृष्ण लाल और सबदिल सिंह को धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी करार दे दिया गया था। वहीं अन्य आरोपियों अवतार सिंह, जसबीर सिंह, गुरमीत राम रहीम सिंह, कृष्ण लाल और सबदिल सिंह को धारा 506, 302 और 120 बी के तहत आरोपी ठहराया गया था। 

पूरी सुरक्षा के साथ दोषियों को अंबाला सेंट्रल जेल में ले जाया गया था। 10 जुलाई, 2002 में पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की गोली मारकर हत्या की थी। राम रहीम ने इस से पहले अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर कम सजा की गुहार अदालत से लगाई थी। इस पर राम रहीम ने पूरे 10 पेजों की दलील कोर्ट के सामने पेश की थी। जिसमें कई तरह की बीमारियों का जिक्र किया गया था। सीबीआई के वकील एचपीएस वर्मा ने अदालत से दरख्वास्त की थी कि धारा 302 के तहत आने वाली कठोर से कठोर सजा सुनाई जाए।