हरियाणा में डीएपी उर्वरक की आपूर्ति कम होने पर किसानों ने किया विरोध प्रदर्शन

डाई-अमोनियम फॉस्फेट उर्वरक की अपर्याप्त आपूर्ति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन PC:- Patrika

डाई-अमोनियम फॉस्फेट उर्वरक की अपर्याप्त आपूर्ति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन PC:- Patrika

डाई-अमोनियम फॉस्फेट उर्वरक की अपर्याप्त आपूर्ति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन PC:- Patrika
डाई-अमोनियम फॉस्फेट उर्वरक की अपर्याप्त आपूर्ति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन PC:- Patrika

भारतीय किसान यूनियन के प्रति निष्ठा रखने वाले किसानों के एक समूह ने सोमवार को हिसार के पास हांसी में डाई-अमोनियम फॉस्फेट उर्वरक की कथित अपर्याप्त आपूर्ति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, क्योंकि किसानों को डीएपी प्राप्त करने के लिए हरियाणा के कुछ जिलों में लंबी कतारों में इंतजार करते देखा गया था।

डीएपी की कमी को लेकर किसानों ने हांसी में विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें से एक प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गया। ”एक प्रदर्शनकारी किसान ने हांसी में संवाददाताओं से कहा डीएपी की कमी को यदि जल्द से जल्द पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो हमारा विरोध इसी तरह जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि रबी सीजन के दौरान डीएपी उर्वरक की कमी के कारण किसानों को खाद लेने के लिए सहकारी समितियों के कार्यालयों और निजी डीलरों के आउटलेट के सामने रोजाना घंटों इंतजार करना पड़ता है। कुरुक्षेत्र के चरखी दादरी और शाहाबाद में सोमवार को लंबी कतारें देखी गईं क्योंकि किसान खाद खरीदने के लिए घंटों इंतजार करते रहे।

किसानों ने उर्वरक की अपर्याप्त उपलब्धता के विरोध में महेंद्रगढ़-रेवाड़ी मार्ग पर एक संक्षिप्त अवधि के लिए एक सड़क भी अवरुद्ध कर दी थी। कुछ दिन पहले महेंद्रगढ़ जिले के अटेली कस्बे में एक निजी डीलर की दुकान के बाहर पड़ी 100 बोरी डीएपी उर्वरकों को कुछ किसानों ने कथित तौर पर जबरन उठा लिया था। विपक्षी दलों का आरोप है कि डीएपी की कमी के चलते किसान दर-दर भटक रहे हैं। चरखी दादरी समेत कुछ जिलों में पुलिस की कड़ी निगरानी में थानों से किसानों को खाद का वितरण किया जा रहा था। 

सरकार ने कहा उर्वरक की कोई कमी नहीं

राज्य सरकार ने कहा है कि उर्वरक की कोई कमी नहीं है। पिछले हफ्ते, हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने दावा किया था कि राज्य में डीएपी उर्वरक की कोई कमी नहीं है और कहा कि कालाबाजारी करने वाले कृत्रिम कमी को प्रोजेक्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने डीएपी की उपलब्धता और मांग की समीक्षा के लिए बैठक की। 

खट्टर ने कहा था कि हालांकि इस साल बाजार में उपलब्ध डीएपी उर्वरक पिछले साल की तुलना में 1,100 मीट्रिक टन अधिक है, फिर भी किसानों की मांग को देखते हुए, उन्होंने रविवार को केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया से फोन पर बात की और आग्रह किया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उर्वरक के छह अतिरिक्त रैक के लिए केंद्रीय मंत्री और केंद्र इसके लिए सहमत हो गया है।