किसानों को विरोध करने का अधिकार है, पुलिस ने उखाड़े टेंट

SC: सड़कों को इस तरह जाम नहीं किया जा सकता

SC: सड़कों को इस तरह जाम नहीं किया जा सकता

SC: सड़कों को इस तरह जाम नहीं किया जा सकता
SC: सड़कों को इस तरह जाम नहीं किया जा सकता

सुप्रीम कोर्ट: अनिश्चित काल के लिए सड़क जाम नहीं कर सकते किसान 

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन वे अनिश्चित काल के लिए सड़कों को अवरुद्ध नहीं कर सकते। न्यायमूर्ति एस के कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि कानूनी चुनौती लंबित होने पर भी वह विरोध करने के अधिकार के खिलाफ नहीं है लेकिन अंतत: कुछ समाधान निकालना होगा।

भारत में कृषि की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है

“किसानों को विरोध करने का अधिकार है लेकिन वे अनिश्चित काल तक सड़कों को अवरुद्ध नहीं रख सकते। आपको किसी भी तरह से आंदोलन करने का अधिकार हो सकता है लेकिन सड़कों को इस तरह जाम नहीं किया जाना चाहिए। लोगों को सड़कों पर जाने का अधिकार है लेकिन सड़क को इस तरह बंद नहीं किया जा सकता है।” पीठ में न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश भी शामिल हैं।

एक नज़र इधर भी:-  Nokia C30 को 6.8-इंच डिस्प्ले, 6000 mAh बैटरी के साथ किया लॉन्च, जाने इसकी कीमत और फीचर्स

शीर्ष अदालत ने मामले में पक्षकार के रूप में शामिल किसान संघों को इस मुद्दे पर तीन सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा और मामले की सुनवाई सात दिसंबर की तारीख तय की गई है। शीर्ष अदालत नोएडा निवासी मोनिका अग्रवाल द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें किसानों के विरोध के कारण सड़क की नाकेबंदी के कारण दैनिक आवागमन में देरी की शिकायत की गई थी।

तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर किसान दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं।