चुनाव आयोग ने रैलियों पर लिए यह निर्णय, 22 जनवरी तक लगाई पाबंदी

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए BJP ने किए अपने उम्मीदवार फाइनल

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10 फरवरी से इन पांच राज्यों में शुरू विधानसभा चुनाव

इन पाँच राज्यों में होने है चुनाव

शनिवार को चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य मंत्रालय, चुनावी राज्यों के हेल्थ सेक्रेटरियों और पोलिंग अफसरों के साथ एक वर्चुअल मीटिंग की। जिसके बाद चुनावी रैलियों पर 22 जनवरी तक रोक लगा दी है। इससे पहले पाबंदी सिर्फ़ 15 जनवरी तक थी लेकिन बढ़ते कोविड मामलों को नज़र में रखते हर EC ने यह फ़ैसला लिया और इसकी घोषणा की।

10 फरवरी से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव शुरू हो जाएंगे जिसकी वजह से होने वाली सभी रैलियों और रोड शो पर प्रतिबंध लगा दिया गया है हालांकि राजनीतिक पार्टियां अधिकतम 300 व्यक्तियों या 50% तक की कैपेसिटी में मीटिंग कर सकती हैं।

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22 जनवरी तक सभी रैलियों पर पाबंदी

चुनाव आयोग ने ये फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जनवरी तक कोई भी पद यात्रा, बाइक रैली, रोड शो, या रैली नहीं होगी और आयोग इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है और आगे की जानकारी वो समय समय पर साझा करते रहेंगे।

देश में कोविड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, तीसरी लहर की चपेट में चुनावी रैली कर के भीड़ इकट्ठा करना सभी के लिए खतरा बन सकता है, और तो और कोविड का नया वेरिएंट ओमीक्रान भी अब तेज़ी से देश भर में फैल रहा है, भारत में ओमीक्रान के मामले 6000 से ज्यादा हो गए हैं।

मीटिंग में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र, चुनाव आयुक्त राजीव कुमार, अनूप कुमार पांडेय मौजूद रहे उन्होंने पांचों राज्यों के हेल्थ सेक्रेटरियों के साथ बैठक कर के ये फैसला लिया, और ये भी स्पष्ट किया की 8 जनवरी को जो बाक़ी फैसले लिए गए थे वो वैसे ही बरकरार रहेंगे। कोरोना संक्रमण के मामलों पर चुनाव आयोग अपनी नज़र बनाए हुए है।