गोरखपुर में पुलिस की दबंगई से गई एक आदमी की जानः कानपुर का रहने वाला था मनीष

पुलिस की दबंगई से गई जान

पुलिस की दबंगई से गई जान

police कार्यवाही में गयी युवक की जान

रियल एस्टेट में काम करने वाले मनीष तिवारी अपने दो दोस्तों के साथ कानपुर से गोरखपुर घूमने गए थे, गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र में उन्होंने कृष्णा पैलेस नामक होटल में कमरा बुक किया जिसमें तीनों दोस्त रुके।

इसी बीच रात क़रीब 12:15 पर पुलिस ने रूम के दरवाज़े को खटखटाया था,मनीष के दोस्तों ने दरवाज़ा खोला क्योंकि मनीष सो रहा था।पुलिस ने सबसे उनके पहचानपत् रमाँगे,इसी बीच मनीष की आँख खुली तो उसने पुलिस से बोल दिया कि हम कोई आतंकवादी थोड़ी है जो हमारी इतनी तलाशी ली जा रही है।

इतना सुनते ही पुलिस वाले भड़क गए और मनीष को कमरे में ही बुरी तरह मारते रहे हैं पुलिस वालों ने उसके दोस्तों को भी मारा लेकिन मनीष को सर में चोट लगने की वजह से पुलिस भी घबरा गई और उसको तुरंत हॉस्पिटल रेफ़र कर दिया।एंबुलेंस में मनीष को अकेले भेजा और उसके दोस्तों को भी जाने की अनुमति नहीं दी, क़रीबन ढाईबजे डॉक्टर ने मरीज़ को मृत घोषित कर दिया।

इस पुरी घटना के बाद मनीष की पत्नी रात में ही गोरखपुर आयीं और FIR करने की माँग की लेकिन वहाँ के डीएम और पुलिस उन्हें समझाने बुझाने में लग गयी, वो फिर भी नहीं मानी और आख़िरकार FIR दर्ज की।

शिकायत के परिणाम अनुसार 6 पुलिस वालों को निलम्बित किया गया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पीढ़ित परिवार से मुलाक़ात करेंगे।