रतन नवल के स्वागत के साथ एयर इंडिया ने सरकार को किया TATA-BYE-BYE

68 साल के बाद टाटा के पास एयर इंडिया

68 साल के बाद टाटा के पास एयर इंडिया

68 साल के बाद टाटा के पास एयर इंडिया
68 साल के बाद टाटा के पास एयर इंडिया

काफी लंबे समय बाद एयर इंडिया की भाग दौड़ अब टाटा के हाथों में आ गई है। सरकारी एयरलाइन कपंनी एयर इंडिया की हुई नीलामी में टाटा ने विनिंग बिड से एयरलाइन को अपने नाम कर लिया है। टाटा ने एयरइंडिया के लिए करीब 18 हजार करोड़ रुपये की बाली लगाई थी। जिस पर कर्ज में डूबी सरकार इस सौदे को दिसंबर पूरा हो जाने की जानकारी है। 

इसके लिए टाटा ने पूरे 18 हजार करोड़ की बोली लगाई थी। बता दें कि सरकार ने एयर इंडिया एक्सप्रेस में अपनी पूरी हिस्सेदारी को टाटा के नाम कर दिया है। टाटा के नाम एआईएसएटीएस की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी भी आ गई है। यह प्रमुख हवाईअड्डों पर जमीन स्तर और कार्गो की सेवाएं देती है। नियमों के अनुसार अब टाटा 4400 घरेलू व 1800 अंतरराष्ट्रीय उड़ान में मंजूरी मिल गई है। 

68 साल के बाद टाटा के पास एयर इंडिया

करीब 70 साल बीत जाने के बाद टाटा के पास दोबारा से एयर इंडिया आ गई है। जिसका स्वागत रतन टाटा ने ट्वीट के माध्यम से भी किया है। जहांगीर रतनजी दादाभाई ने एयरलाइन की स्थापना सन् 1932 में की थी। उस समय उसे टाटा एयरलाइंस के नाम से जाना जाता था। सरकार 2017 से ही अपने कर्ज से निजात पाने के लिए इस एयरलाइन को बेचने के प्रयासों में लगी हुई थी। 

टाटा की हुई डील के बाद से टाटा का वर्चस्व पहले से और भी ऊपर हो गया है। 1953 के समय राष्ट्रीयकरण के चलते सरकार के पास इस कंपनी का 100 प्रतिशत स्वामित्व प्राप्त था। एयरलाइन इंडिया की बोली में हिस्सा लेने वालों के लिए 15 सितंबर की तारीख निर्धारित की गई थी। जिसमें टाटा ने अपनी रुचि दिखाई थी। टाटा ग्रुप में टाटा संस की दिलचस्पी काफी समय से थी। टाटा ग्रुप से रतन टाटा ने  लिखा है वेलकम बैक, एयर इंडिया।